Mahatma Gandhi Famous Hindi Thoughts

Mahatma Gandhi Famous Hindi Thoughts


Mahatma Gandhi Famous Hindi Thoughts

 

  1. प्रेम दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति है और फिर भी हम जिसकी कल्पना कर सकते हैं उसमे सबसे नम्र है।
  2. अपने दोष हम देखना नहीं चाहते, दूसरों के देखने में हमें मजा आता है, बहुत सारे दुख तो इसी आदत से पैदा होते हैं!
  3. अहिंसा ही धर्म है, वही जिंदिगी का रास्ता है ।
  4. अपने से हो सके, वह काम दूसरे से न कराना।
  5. हम जिसकी पूजा करते है उसी के समान हो जाते है।
  6. क्रोध एक प्रचंड अग्नि है, जो मनुष्य इस अग्नि को वश मैं कर सकता है, वह उसे बुझा देगा, जो मनुष्य अग्नि को वश मैं नहीं कर सकता वह स्वयं अपने को जला लेगा।
  7. पाप से घृणा करो, पापी से नहीं।
  8. अक्लमंद काम करने से पहले सोचता है और मूर्ख काम करने के बाद।
  9. प्रार्थना नम्रता की पुकार है, आत्म शुद्धि का, और आत्म – अवलोकन का आवाहन है।
  10. नारी को अबला कहना अपमानजनक है। यह पुरुषों का नारी के प्रति अन्याय है।
  11. चरित्र की शुद्धि ही सारे ज्ञान का ध्येय होनी चाहिए।
  12. यदि आपको अपने उद्देश्य और साधन तथा ईश्वर में आस्था है तो सूर्य की तपिश भी शीतलता प्रदान करेगी।
  13. भूल करने में पाप तो है ही, पर उसे छिपाने में उससे भी बड़ा पाप है ।
  14. अपनी भूलों को स्वीकारना उस झाडू के समान है जो गंदगी को साफ कर उस स्थान को पहले से अधिक स्वच्छ कर देती है।
  15. बुराई से असहयोग करना, मानव का सबसे बड़ा व पवित्र कर्तव्य है।
  16. स्वतंत्रता एक जन्म की भांति है। जब तक हम पूर्णतः स्वतंत्र नहीं हो जाते तब तक हम परतंत्र ही रहेंगे ।
  17. क्रोध को जीतने में मौन सबसे अधिक सहायक है।
  18. मैं यह अनुभव करता हूं कि गीता हमें यह सिखाती है कि हम जिसका पालन अपने दैनिक जीवन में नहीं करते हैं, उसे धर्म नहीं कहा जा सकता है।
  19. आचरण रहित विचार, कितने भी अच्छे क्यों न हो, उन्हें खोटे – मोती की तरह समझना चाहिए ।
  20. गुलाब को उपदेश देने की आवश्यकता नहीं होती। वह तो केवल अपनी ख़ुशबू बिखेरता है। उसकी ख़ुशबू ही उसका संदेश है।
  21. ईश्वर न काबा में है न काशी में है, वह तो हर घर घर में व्याप्त है, हर दिल में मौजूद हैं ।
  22. स्वच्छता, पवित्रता और आत्म-सम्मान से जीने के लिए धन की आवश्यकता नहीं होती।
  23. ह्रदय की कोई भाषा नहीं होती, ह्रदय ह्रदय से बातचीत करता है ।
  24. सुखद जीवन का भेद त्याग पर आधारित है। त्याग ही जीवन है।
  25. वास्तविक सौंदर्य ह्रदय की पवित्रता में है ।
  26. उफनते तूफ़ान को मात देना है तो अधिक जोखिम उठाते हुए हमें पूरी शक्ति के साथ आगे बढ़ना होगा।
  27. कायरता से कहीं ज्यादा अच्छा है, लड़ते लड़ते मर जाना ।
  28. जब कोई युवक विवाह के लिए दहेज की शर्त रखता है तब वह न केवल अपनी शिक्षा और अपने देश को बदनाम करता है बल्कि स्त्री जाति का भी अपमान करता है।
  29. कुछ लोग सफलता के सपने देखते हैं जबकि अन्य व्यक्ति जागते हैं और कड़ी मेहनत करते हैं।
  30. अधभूखे राष्ट्र के पास न कोई धर्म, न कोई कला और न ही कोई संगठन हो सकता है।
  31. यदि मनुष्य सीखना चाहे, तो उसकी हर भूल उसे कुछ शिक्षा दे सकती है ।
  32. विश्वास करना एक गुण है, अविश्वास दुर्बलता कि जननी है।
  33. पहले वो आप पर ध्यान नहीं देंगे, फिर वो आप पर हँसेंगे, फिर वो आप से लड़ेंगे, और तब आप जीत जायेंगे।

 

 

 

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